यह फिल्म देखना एक तपस्या है – जितनी दर्दनाक, उतनी ही खूबसूरत। एलेजांद्रो गोंजालेज इन्यारितु ने प्रकृति को ही एक किरदार बना दिया है। ठंड, बर्फ, पहाड़, नदी – सब कुछ ग्लास के शरीर और आत्मा को चीरता है। डिकैप्रियो का अभिनय कोई अभिनय नहीं, बल्कि एक अवतार है। एक ही डायलॉग में पूरा जज़्बात भर देते हैं वह – “ I ain’t afraid to die anymore. I’ve done it already. ” टॉम हार्डी ने क्रूरता को इतने सहज ढंग से जीया है कि आप उससे सच में नफरत करने लगते हैं।
फिल्म की गति धीमी है। लंबे साइलेंट सीन और धीमी टेंपो इसे देखना कई दर्शकों के लिए चुनौती बना सकते हैं। लेकिन अगर आप सिनेमा को कला मानते हैं, तो हर फ्रेम यहाँ एक पेंटिंग है। the revenant in hindi
Here’s a write-up for The Revenant in Hindi, suitable for a movie review, synopsis, or promotional description: द रेवेनेंट – एक बर्फीली जंगल में बदले की अग्निपरीक्षा suitable for a movie review
यह फिल्म उन लोगों के लिए है जो रोमांटिक कॉमेडी या मसाला एक्शन छोड़कर कुछ कच्चा, असली और तीखा देखना चाहते हैं। यह पश्चिमी सिनेमा की सबसे कठिन फिल्मों में से एक है – बर्फ, खून और चीख़ों के बीच मानवता का सवाल। नदियाँ पार करता हुआ
19वीं सदी के अमेरिकी जंगलों में, एक अनुभवी गाइड ह्यू ग्लास (लियोनार्डो डिकैप्रियो) अपनी टीम के साथ फर का व्यापार करता है। एक भयानक भालू के हमले में वह बुरी तरह घायल हो जाता है। टीम का सरगना, फिट्ज़गेराल्ड (टॉम हार्डी), उसे मरा हुआ समझकर अकेला छोड़ जाता है, और उसके बेटे (जो आधा मूल अमेरिकी है) की हत्या कर देता है। लेकिन ग्लास मरता नहीं – वह बदला लेने के लिए बर्फीली धरती पर रेंगता हुआ, नदियाँ पार करता हुआ, कच्चा मांस खाता हुआ, सैकड़ों मील का सफर तय करता है।
द रेवेनेंट सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक कच्चा, क्रूर और तीव्रतम यथार्थ है। यह कहानी है एक ऐसे शिकारी की, जो मौत के मुंह से लौटकर सिर्फ जीने के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत के सबसे अंधेरे रूप से बदला लेने के लिए संघर्ष करता है।